सत्ता के चालों की मुनादी।।
मध्यप्रदेश के महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के कारण वहां की कांग्रेस सरकार का जाना लगभग तय माना जा रहा है। कांग्रेस के 20 विधायक जो कई दिनों से बेंगलुरु के एक रिसोर्ट में रखा गया था, उनको लेकर कल से अटकलों का दौर जारी था। ताजा घटनाक्रम में इन विधायकों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी से आज इस्तीफा भी दे दिया है। ऐसे में आंकड़ों की गणित में कांग्रेस, बीजेपी से काफी पीछे हो गई है।
कांग्रेस पार्टी के 20 सिंधिया समर्थक विधायकों के इस्तीफा देने से कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गयी है। आंकड़ों के लिहाज से अब बहुमत के लिए जरूरी 105 विधायकों का समर्थन कांग्रेस के पास नहीं है।अभी कांग्रेस के पास 114 विधायक थे जिसमें 20 ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, उससे इनको संख्या मात्र 94 ही रह जाएगा। यदि निर्दलीय और सपा बसपा को भी मिला लिया जाय तो भी यह आंकड़ा 102 से आगे नहीं जाता।
कल से ही मध्यप्रदेश की राजनीति में उबाल है। सिंधिया समर्थक विधायकों के बंगलुरू में जमावड़े की खबर के बाद कमलनाथ, दिग्गविजय सिंह लगातार सक्रिय हो गए थे। नाराज सिंधिया को मनाने के बजाय उनके समर्थक विधायक को मंत्रिपद का लालच देने, मंत्रिपरिषद का इस्तीफा ले लिया था। लेकिन होली के ऐन मौके पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर, अपने पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
अब ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने की अटकलें हैं। कहा जा रहा है सिंधिया आज शाम 6 बजे भाजपा मुख्यालय में बाकायदा सदस्यता लेंगे। बताया जा रहा है कि सिंधिया को केंद्र में मंत्री भी बनाया जाएगा।

