बैकुंठपुर से राजन पाण्डेय की मुनादी।।
छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने व राम वनगमन पथ के चिन्हांकित महत्वपूर्ण केंद्रों को तेजी से विकसित किए जाने के कार्य की शुरूआत हो गई है। इस महत्वकांक्षी योजना के लिये भुपेश सरकार द्वारा 10 करोड़ का प्रावधान भी बजट में किया गया है। इस तारतम्य में छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्य सचिव आर.पी. मंडल हेलीकॉप्टर से जनकपुर विकास खण्ड के ग्राम हरचौका पहुंचे। उनके साथ पर्यटन सचिव अंबलगन पी. व कलेक्टर कोरिया डोमन सिंह तथा वनविभाग के आला अधिकारी भी मौजूद थे।
मुख्य सचिव आर पी मंडल ने ग्राम हरचौका में सीतामढ़ी गुफ़ा व यहाँ स्थित मंदिर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने कलेक्टर डोमन सिंह को क्षेत्र को विकसित करने व अन्य कार्यों के लिये आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया। मान्यता है कि भगवान श्रीराम वनगमन के समय सीतामढ़ी में एक दिन एक रात रुके थे तथा माता सीता ने यहाँ दोपहर की रसोई तैयार की थी। श्री मंडल ने निरीक्षण के बाद मंदिर में पूजा अर्चना भी की। यहां उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों से अन्य जानकारी भी ली। विदित हो कि कोरिया जिले के भरतपुर ब्लाक में एमपी और सीजी के बॉर्डर में ग्राम हरचौका में सीतामढ़ी गुफ़ा स्थित है। छतीसगढ़ सरकार ने सीतामढ़ी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का लिया निर्णय है। सरकार ने श्रीराम वन गमन पथ को विकसित व सरंक्षित करने के लिये 10 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान भी किया है। इसके लिये क्षेत्रीय विधायक व राज्यमंत्री गुलाब कमरो भी काफी दिनों से प्रयासरत थे। इस सम्बंध में उन्होंने मुख्यमंत्री भुपेश बघेल से मुलाकात कर सीतामढ़ी को श्रीराम वनगमन क्षेत्र में शामिल करने की मांग भी की थी।


