जशपुर मुनादी।।
कोरोना के संकट की घड़ी में भला अपनो से दूर कौन रहना चाहेगा ।कब क्या हो जाय इस अंदेशे से पूरा देश ग्रसित है इस लिहाज से लोग जल्द से जल्द अपनो से मिल लेना चाहते हैं ।चाहे जैसे भी हो ,घर जाना है मतलब जाना है ।संसाधन मिले तो ठीक नही तो पैदल ही सही ।
आपको यकीन नही आ रहा तो जशपुर जिले के पत्थल गाँव से आ रही इस तस्वीर को देखिये।ये सभी पत्थलगांव के एक फर्नीचर उद्योग में काम करने वाले है।कोरोना की महामारी को रोकने सरकार ने जब पूरे देश को लॉक डाउन कर दिया है ,प्रदेश की सभी सीमाएं सील कर दी गयी है ऐसे में इन लोगों ने पैदल की अपने अपने घरों का रास्ता पकड़ लिए।ये सभी कारीगर और मजदूर झारखण्ड के रहने वाले है।पिछले कई वर्षों से यहाँ काम करते रहे हैं लेकिन उन्हें यह नही पता था कि पूरे देश मे कोरोना जैसी महामारी पाँव पसारने की कोशिश करने लगेगी लेकिन अब जब संकट सामने है तो संकट की घड़ी में ये अपने घरवालों के साथ रहना चाहते हैं इसलिए इन्होंने पैदल ही अपने गाँव का रास्ता अख्तियार कर लिया।

