उम्मीदों की मुनादी।।
हैदराबाद यूनिवर्सिटी की एक प्रोफेसर ने यह दावा किया है कि उसने कोरोना का वैक्सीन बना लिया है। हालांकि उनका यह भी कहना है कि इसकी टेस्टिंग बाकी है। लेकिन इस खबर से उत्साहित होने की जरूरत नहीं है क्योंकि बिना टेस्टिंग कुछ कहना जल्दीबाजी होगी। टेस्टिंग में भी कुछ महीने लग सकते हैं। लेकिन इस दावे में ऐसा क्या है जिससे लोगों में आशा की किरण जग रही है, आइए देखते हैं, क्या है इस वैक्सीन का तकनीकी पहलू।
इस यूनिवर्सिटी के बायोकेमिस्ट्री विभाग की प्रोफेसर डॉक्टर सीमा मिश्रा ने कोरोनावायरस से लड़ने वाला वैक्सीन बनाने का दावा किया है। उन्होंने बताया कि सेल एपिटोप्स नामक टीका बनाया है जो नोवल कोरोनोवायरस के सभी संरचनात्मक और गैर-संरचनात्मक प्रोटीनों के खिलाफ लड़ने में सक्षम है।
प्रोफेसर मिश्रा का कहना है कि यह वैक्सीन छोटे कोरोनवायरल पेप्टाइड्स हैं, जो अणुओं की कोशिकाओं द्वारा उपयोग किये जाते हैं। इन पेप्टाइड्स को नुकसान पहुंचाने वाली कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए रोग-प्रतिरोधक क्षमता तैयार करती है। कम्प्यूटेशनल सॉफ्टवेयर के साथ शक्तिशाली इम्यूनोइंफोर्मेटिक्स का उपयोग करते हुए डॉक्टर सीमा मिश्रा ने इन संभावित एपिटोप्स को इस तरह से डिजाइन करने का दावा किया है कि इस टीके को सभी को लगाया जा सकता है।
यूनिवर्सिटी ने बताया कि इसे महज दस दिन में विकसित किया गया है।लेकिन इसका टेस्टिंग होना बाकी है। टेस्टिंग होने के बाद सरकार की हरी झंडी मिल सकती है इसके बाद इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन इसको लेकर ज्यादा उत्साहित होने की जरूरत नहीं है लेकिन कोरोना के आतंक के इस दौर में यह आशा का किरण जरूर है।

