जशपुर मुनादी//
एक तरफ जहां कोरोना के संक्रमण से पूरा देश भयाक्रांत है और कोरोना का कवच माने जा रहे सेनेटटाइज्र और मास्क मार्केट से गायब हो गए ऐसे हाल में जशपुर की एक महिला मास्क बनाने के हुनर का इस संकट की घड़ी में सही इस्तेमाल कर रही है।जशपुर के नागलोक कहे जाने वाले फरसाबहार के अंकिरा की रहने वाली मीनू सिंह "लॉक डाउन"के दौरान केवल और केवल मास्क बनाने का काम कर रही है ताकि कोरोना के संकट की घड़ी में मार्केट से मास्क गायब हो चुके हैं और देश के कई हिस्सों में इसके लिए त्राहि त्राहि मची हुई है । मीनू सिंह ने कई साल पहले ही सिलाई का हुनर सिख लिया था और पति के आकस्मिक निधन के बाद आंगनवाड़ी सहायिका की नौकरी करते हुए सिलाई का काम करके अपने परिवार का पालन पोषण करती रही और अब इस हुनर के दम में "कोरोना किलर"से दो दो हाथ करने तैयार खड़ी है। अंकिरा से सटे बाबुसाजबहार ग्राम पंचायत के उपसरपंच मनोज पांडेय ने बताया कि शुरू में इन्हें कुछ कपड़े मास्क बनाने के लिए दिए जरूर गए थे लेकिन अब ये खुद के कपडे से ही ग्रामीणों के लिए मास्क तैयार करने में जुटी हुई हैं। अब तक 300 से ज्यादा मास्क बना चुकी है और उसी मास्क को गावों में वितरण भी किये जा रहे है और अभी भी मास्क बनाने का क्रम जारी है । इनके इस काम की सराहना इलाके के लोग भी कर रहे हैं क्योंकि मास्क पैसे देने के बावजूद भी दुकानों में नही मिल रहे उस दौर में उन्हें मुफ्त में बेहतर क्वालिटी के मास्क याने "कोरोना कवच" मिल रहे हैं ।

