मध्यप्रदेश से लौट रहे श्रमिकों को कोरिया सूरजपुर के सरहद पर पुलिस ने रोका
कलेक्टर ने एसईसीएल को दी इनके रहने व खाने की जिम्मेदारी
14 दिनो तक 47 श्रमिक एसईसीएल पाण्डवपारा में रहते हुये सोशल डिस्टेंसिग का करेंगे पालन
बैकुंठपुर। मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के जतहरी मोजर वियर पावर प्लांट में लॉकडाउन में फंसे झारखण्ड के 47 श्रमिक अनुपपुर के अनुविभागीय दण्डाधिकारी व जतहरी पुलिस थाना को जानकारी दिए कि झारखण्ड के पलामू जिले जपला गांव रहने वाले है। जिन्हें अपने गांव वापस जानी है। जिसके बाद सभी श्रमिक वाहन में सवार होकर झारखंड के लिए रवाना हुए। इसीबीच उन्हें कोरिया सूरजपुर के सरहद पर पुलिस ने रोक लिया। सभी श्रमिकों को एसईसीएल बैकुंठपुर महाप्रबंधक व जिला प्रशासन के द्वारा रविवार की देर शाम एसईसीएल पाण्डवपारा में 14 दिनो के लिए क्वॉरेंटाइन में रखा गया। एसईसीएल बैकुण्ठपुर क्षेत्र महाप्रबंधक शंकर नागाचारी ने उनके रहने व खाने की व्यवस्था कराने में जुट हुए है।
मिली जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के जतहरी मोजर वियर पावर प्लांट में लॉकडाउन में फंसे झारखण्ड के 47 श्रमिक अनपुपुर जिला के अनुविभगीय दण्डाधिकारी व जतहरी पुलिस थाना को जानकारी देकर झारखण्ड के पलामू जिले के जपला गांव लौट रहे थे। इसी बीच उन्हें कोरिया सूरजपुर के सरहद पर पुलिस ने रोक लिया कोतमा से बस श्रमिकों को उनके गंतव्य तक छोड़ने के लिये निकली पर कोरिया सूरजपुर के सरहद पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। जहां पुलिस ने एसईसीएल की बस देखकर बैकुण्ठपुर एसईसीएल महाप्रबंधक को सूचना दी और उन श्रमिकों को बैकुण्ठपुर के मानस भवन में रहने के लिये भेज दिया। जिसके बाद कोरिया कलेक्टर डोमन सिंह ने बैठक रखा जिसमें सभी श्रमिकों को बैकुण्ठपुर में रखने की बजाये एसईसीएल महाप्रबंधक शंकर नागाचारी को बुलाया और श्रामिकों के रहने व खाने की व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी दी। जिसके बाद तत्काल महाप्रबंधक शंकर नागाचारी व क्षेत्रीय सिविल अभिंयता एके सिंह, अनुविभागीय अधिकारी बैकुण्ठपुर, पुलिस अधीक्षक चन्द्रमोंहन सिंह, उपपुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र कुमार, थाना प्रभारी सत्यप्रकाश तिवारी उनके रहने की व्यवस्था को लेकर एसईसीएल कटकोना पहुंचे जहां पर उनके लिय पर्याप्त व्यवस्था न होने के बाद एसईसीएल पाण्डवपारा सामुदायिक भवन में रखने की व्यवस्था की गयी। सभी 47 श्रमिकों को बैकुण्ठपुर मानस भवन से रात 7 बजे एसईसीएल पाण्डवपारा सामुदायिक भवन लाया गया जहां पटना थाना प्रभारी सत्यप्रकाश तिवारी के द्वारा सभी श्रमिकों का पहचान सत्यापन किया गया।
एसईसीएल के पाण्डवपारा के तमाम अधिकरी श्रमिकों के रहने व भोजन की जिम्मेदारी संभाली। श्रमिकों ने बताया कि लॉकडाउन होने की वजह से काम बंद हो गया था जिस वजह से हम घर जाना चाहते थे पर गाड़ी बंद होने की वजह से हम नहीं जा पा रहे थे हम सभी ने जाकर जतहरी थाने में बात की और अपनी समस्या बतायी हमने वहां के एसडीएम से भी बात की जिसके बाद थाना प्रभारी के द्वारा हमारे लिए एसईसीएल की सरकारी बस की व्यवस्था की गई और हमें आवेदन में सील साइन लगा कर दे दिया गया। हम उस बस से जा रहे थे कि पटना के आगे पुलिस वालों ने रात के 9 बजे रुकवा लिया और हमारे बोलने व प्रमामिण दस्तावेज दिखाने के बावजूद हमें नहीं जाने दिया गया। आधी रात लगभग 2 बजे हमें बैकुण्ठपुर मानस भवन में भेजा गया रात भर हम सभी बिना खाना खाए रात बिताई। फिर उसके बाद स्थानीय लोगों ने करीब सोमवार दिन 12 बजे हमें खाना खिलाया इसके बाद सोमवार रात के 9 बजे हमें एसईसीएल पाण्डवपारा उसी बस से भिजवाया गया अभी हम वही हैं और हमें लॉकडाउन तक रहने को कहा गया है।
जिला प्रशासन पर भी उठे सवाल - जब उनके पास जाने की अनुमति थी तो फिर उन्हें क्यों रोका गया। रोकने के बाद उन्हें बैकुण्ठपुर ले जाया गया तो फिर उन्हें वहां रखने के बजाये 25 किलोमीटर दूर क्यों भेजा गया? जिला प्रशासन बैकुण्ठपुर में रखने के बजाय एसईसीएल के मत्थे मढ़ दिया जबकि बैकुण्ठपुर में रखने की कई सारी व्यवस्थाएं थी कई स्कूल व कॉलेज जैसे भवन है जहां उन्हें अलग-अलग कमरों में रखा जा सकता था पर इन्हें एक ही हाॅल में पूरे 47 श्रमिकों को रख दिया गया। उन्हें बैकुण्ठपुर से 25 किलोमीटर दूर पाण्डवपारा में एसईसीएल को बोलकर रखवाया गया। सबसे बड़ी बात की राज्य के सीमा पर पुलिस ने क्यों नहीं रोका अगर इन श्रमिकों को रोकना ही था तो राज्य के सीमा में ही रोकना था जबकि वहां से ये सभी श्रमिक आ गये और जिला सरहद में तैनात पुलिस ने इन्हें रोक लिया।
भागे तो होगा धारा 188 के तहत कार्यवाही - उक्त घटना की जानकारी देते हुये पटना पुलिस थाना प्रभारी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया की केंद्र व राज्य सरकार का षक्त दिशा निर्देश है की किसी को भी एक राज्य से दूसरे राज्य जाने न दिया जाये यह आदेश 29 मार्च को ही आ गया था जिस वजह से किसी को भी बाहर जाने नहीं दिया जा रहा है वहीं सभी के लिए फिजिकल डिस्टेंस को ध्यान में रखकर बिस्तर लगवा दिया गया है ताकि यदि इनमें से कोई संक्रमित हो तो संक्रमण न फैल सके। सभी श्रमिकों को सख्त हिदायत दी गयी है की यदि कोई यहाँ से भागता है तो उसके खिलाफ धारा 188 के तहत कार्यवाही कर जेल भेजा जायेगा।
शंकर नागाचारी एसईसीएल महाप्रबंधक बैकुण्ठपुर - सभी श्रमिकों के लिए रहने व खाने की व्यवस्था पाण्डवपारा सामुदायिक भवन में हमनें करा दी है ये सभी 14 दिन लॉकडाउन खत्म होने तक सभी वही रहेंगे और उन सभी का देखरेख के लिए एसईसीएल पाण्डवपारा की पूरी टीम लगी है ताकि किसी को भी कोई दिक्कत न हो।


