31-March-2020


पलायनरत मजदूरों को जब गांव में ठिकाना दिलवाने गई तब गांव वालों ने मचाया बवाल, 127 मजदूरों को देखकर भड़क गए ग्रामीण, पढ़िए पूरी खबर



सूरजपुर मुनादी।।

नोबेल करोना वायरस को लेकर पूरे देश में सोशल डिस्टेंसिंग को बढ़ावा देने व कोरोना वायरस को भी विफल बनाने हेतु पीएम श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा लॉकडॉन की घोषणा की गई है। वही दूसरे राज्य में जाकर काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर जगह-जगह फंसे हुए हैं। एवं लगातार अपने गृहग्राम आने हेतु पैदल व विभिन्न साधनों के माध्यम से लगातार सफर कर रहे हैं। इसी बीच सूरजपुर जिले की पुलिस के द्वारा दो ट्रक से तकरीबन 127 श्रमिकों को आश्रय स्थल पर खाने व रहने हेतु बंदोबस्त किया है।

गौरतलब है कि सूरजपुर जिले के चंदौरा थाना के पुलिसकर्मियों के द्वारा अंबिकापुर बनारस मुख्यमार्ग पर फिक्स प्वाईन्ट लगाकर सड़क पर आवाजाही करने वाले वाहनों की सघनता से जांच की जा रही थी कि अम्बिकापुर की ओर से स्वराज माजदा वाहन क्रमांक जीजे 19 एक्स 6934 तेज रफ्तार से आते दिखा। जिसे जांच में तैनात पुलिस कर्मियों के द्वारा वाहन को रोककर वाहन चालक से आवश्यक दस्तावेजों समेत वाहन की परमिट की मांग की गई। इसी बीच पुलिसकर्मियों के द्वारा वाहन में लोड सामान की जानकारी वाहन चालक से ली गई तो उसके द्वारा गोलमोल जवाब दिया जाने लगा जिससे संदेह होने पर वाहन के डाला से तीरपाल हटवाया गया तो उसके अंदर 22 लोग सवार नजर आए। ट्रक चालक से पूछताछ में बताया कि सभी लोग रायपुर से मउ उत्तरप्रदेश जाने के लिए निकले थे। इसी प्रकार दूसरे वाहन जो कि अम्बिकापुर से झारखंड जाने के लिए निकली थी जिसे पुलिस कर्मियों के द्वारा सघनता से जांच करने पर ट्रक कन्टेनर क्रमांक एनएल 01 एए 3328 से 105 लोग पकड़े गये। पूछताछ पर वाहन चालक ने बताया कि रायपुर से झारखंड जाने के लिए निकले थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शासन के तालाबंदी के आदेश के बावजूद बाहरी लोगों को सड़क मार्ग से लेकर आने के संबंध में वाहन चालकों से वैध पास परमिट पेश करने हेतु कहा गया परंतु उसके द्वारा कोई वैध परमिट प्रस्तुत नहीं किया गया। लाॅकडाउन के बावजूद कोरोना वायरस के संक्रमण को जानते हुए शासन-प्रशासन के आदेशों का अवहेलना कर मानव जीवन स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को संकट उत्पन्न करने का कार्य करने वाले ट्रक एवं कन्टेनर चालक के खिलाफ धारा 188 भारतीय दण्ड संहिता के तहत् मामला पंजीबद्व कर दोनों वाहनों को जप्त कर लिया गया है।वही पुलिस ने सभी लोगों को प्रशासन के द्वारा बनाए गए आश्रय स्थल में सुपुर्दनामे पर दे दिया है। जो अभी प्राथमिक व माध्यमिक शाला धोंधा व रेवटी में रूके हुए है। उन्होंने बताया कि प्रशासन के द्वारा इनके रहने व खाने की व्यवस्था कराई गई है। डाॅक्टरों की टीम ने सभी का स्वास्थ्य परीक्षण भी कर लिया है।

धोन्धा गांव में मचा बवाल

गांव के प्राथमिक व माध्यमिक शाला में बाहरी मजदूरों को रोकने हेतु बनाए गए अस्थाई कैंपस के पास ग्रामीणों का जमावड़ा इकट्ठा होने लगा देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित होकर बाहर से आए मजदूरों का विरोध करने लगे एवं किसी भी सूरत पर बाहरी लोगों को अस्थाई कैंप में रहने नहीं देने की जिद्द पर अड़े रहे। इसी बीच मामले की जानकारी मिलते ही प्रतापपुर एसडीएम सीएस पैकरा एवं एसडीओपी राकेश पाटन वार गांव पहुंचकर मामले को शांत करने का प्रयास करने में जुटे हुए हैं।

श्रमिकों के साथ गर्भवती महिला की हालत बिगड़ी


सैकड़ो मजदूरों के साथ ट्रक में सवार होकर गर्भवती महिला भी अपने गृहग्राम को जाने के लिए निकली थी। जिसे पुलिसकर्मियों के द्वारा रोक दिए जाने व पश्चात अस्थाई कैंप में रखे जाने के बीच उसकी हालत बिगड़ने लगी। जिसको देखकर आनन-फानन में प्रशासन के द्वारा रेवटी उप स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टरों की टीम बुलाकर निरीक्षण कराया गया।








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