जशपुर मुनादी।।
कोरोना वायरस के संक्रमण में विस्तार देने वाली विदेशी संस्थाओं पर प्रतिबंध की मांग तेज हो गई है।निजामुद्दीन मरकज से रायगढ़ और जशपुर से तार जुड़े होने की खबर के बाद कोरोना संक्रमण के बढ़ते असम्भावी खतरे से सभी खौफ में हैं ।इसको लेकर जिले में सियासत भी तेज हो गयी है।देश भर में घरवापसी अभियान चलाने वाला जशपुर रियासत के स्व भाजपा नेता दिलीप सिंह जूदेव के बेटे प्रबल प्रताप ने इस घटना पर चिंता जताई है और देश को नुकसान पहुंचाने वाली संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग की हैं।
आपको बता दें कि पिता स्व दिलीप सिंह जूदेव के देहावसान के बाद घरवापसी कार्यक्रम का कमान प्रबल प्रताप सम्हाल रहे हैं।उन्होंने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि निज़ामुद्दीन मरकज़ में हुए लापरवाही ने देश में कोरोना के फैलाने में जो भूमिका निभाई है यह अति भयावह, चिंताजनक एवं संवेदनशील मुद्दा है।पता नहीं ऐसी कितनी संस्थाएं चुपके चुपके जिसका संचालन देश विदेशों से होता है ऐसी ही गतिविधियों में शामिल हों और उनके सदस्य कोरोना बम बनकर समाज में घूम रहे हों। जशपुर जिला को लेकर आज मुझे विशेष चिंता हो रही है क्योंकि यहां विदेशों से आकर सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने वालों की संख्या अच्छी खासी होती है। प्रशासन से मैं विशेष आग्रह करता हूँ कि इसकी जांच करे ताकि जशपुर सुरक्षित रह सके। साथ ही साथ विदेश से लौटे सभी लोगों पर नज़र रखी जाये।
मैं वर्षों से सचेत करता आ रहा हूँ विदेशी ताक़तें भारत को कमज़ोर करने में लगी हैं दुष्प्रचार के माध्यम से जैसे चंगाई सभा जैसी अनेक धार्मिक गतिविधियों के नाम पर धर्मांतरण का नंगा खेल खेला जा रहा है। टूरिस्ट वीज़ा पर आकर लोग धर्मप्रचार कर रहे हैं ये तो और भी गंभीर मुद्दा है इसे गंभीरता से नहीं लिया गया तो ये देश के लिए बहुत बड़ा खतरा बन सकता है।अपने अपने धर्म के प्रचार से मुझे कोई एतराज नहीं है ये उनका हक है पर एक एजेंडे के तहत परिस्थिति का नाजायज फायदा उठाकर सरकार से बातें छुपाकर धर्मांतरण जैसे दुष्कर्म में शरीक रहना देशद्रोह है इसे तत्काल रोका जाना चाहिए । भविष्य में जितनी भी धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाएं हैं उन्हें अपनी पूरी गतिविधियों की जानकारी सरकार को उपलब्ध नहीं कराए जाने पर उनकर देशद्रोह का मुकदमा कायम होना चाहिए।आज के ऐसे संवेदनशील परिस्थिति में जिसने भी मानवता के विरुद्ध कार्य किया है उसे कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसा दुस्साहस न कर सके ।केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार से मांग करता हूँ कि ऐसी तमाम संस्थाओं पर जो विदेश से आकर किसी एजेंडे के तहत धर्मांतरण एवं मानवता को शर्मसार करने वाली गतिविधियों में संलग्न पाये जायें उन्हें तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाए और इसमें संलग्न लोगों की गहन जांच हो ताकि भारत को बचाया जा सके। इस वैश्विक आपदा के समय देश एवं छत्तीसगढ़ की जनता से करबद्ध प्रार्थना है संयम से घर में ही रहें और सरकार के दिशानिर्देशों का पालन करें।

