सूरजपुर मुनादी।
सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम बुंदिया के जिरबोधन नामक ग्रामीण का अचानक स्वास्थ्य खराब होने की खबर पर गांव के ही दो जनप्रतिनिधियों के द्वारा भटगांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भर्ती कराया गया। जहां उसकी हालत बिगड़ते देख डॉक्टरों की टीम के द्वारा बेहतर इलाज हेतु मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के लिए रेफर किया गया है। जहां उसका इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम बुंदिया निवासी जिरबोधन विगत कुछ दिनों से बुखार व उल्टी दस्त के साथ ब्लड का रिसाव होने की पीड़ा से पीड़ित था। जिसकी हालत लगातार बिगड़ती ही जा रही थी। परंतु देश में करोना वायरस नमक महामारी के फैलने के कारण गांव का कोई भी व्यक्ति उसे भटगांव हॉस्पिटल लाने को तैयार नही था। इसी बीच गांव के कांग्रेसी नेता विनोद गुप्ता एवं भाजपा नेता रमेश गुप्ता को सूचना मिलने पर उनके द्वारा अपनी निजी वाहन से पीड़ित व्यक्ति को भटगांव हॉस्पिटल मे लाकर इलाज शुरू कराया गया। जहां डॉक्टर महेश्वर सिंह के द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण उपरांत व्यक्ति को उसके बेहतर इलाज हेतु तत्काल एडमिट करने की सलाह दी। जिसके पश्चात दोनों जनप्रतिनिधि के द्वारा भर्ती कराकर गांव वापस लौट लिया गया।
इसी बीच मरीज जीरबोधन के पुत्र के द्वारा गुरुवार की सुबह गांव के जनप्रतिनिधि को फोन कर हालत में कोई सुधार नहीं होने की बात कही गई। जिसके पश्चात दोनों जनप्रतिनिधि पुन: हॉस्पिटल पहुंचकर मरीज की सुध देने का प्रयास किए। परंतु हॉस्पिटल में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं पाए जाने पर नाराजी व्यक्त किए। तत्पश्चात डॉक्टर महेश्वर सिंह के द्वारा मरीज का पुनः परीक्षण कर इलाज में सुधार होना पाया गया। परंतु जनप्रतिनिधि ज़िद करने लगे कि वे इसका बेहतर इलाज हेतु अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज ले जाना चाहते हैं। जिससे तत्काल डॉक्टर के द्वारा अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जहां उसका इलाज जारी है।
हॉस्पिटल प्रबंधन पर परिजनों ने लगाए आरोप
मरीज के परिजनों ने बताया कि बुधवार की देर शाम उल्टी दस्त व बुखार की समस्या को लेकर मरीज को भर्ती किया गया था जिसे डॉक्टर के द्वारा प्राथमिक उपचार करते हुए एनएस व एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाए गए थे इसके बावजूद उल्टी दस्त के साथ लगातार ब्लड का रिसाव हो रहा था जिस पर हम लोगों के द्वारा वहां के स्टाफ से चर्चा कर डॉक्टर को बुलाने की मांग की गई परंतु देर सुबह तक एक भी डॉक्टर मरीज को देखने हॉस्पिटल नहीं पहुंचे।
"मरीज के परिजनों के द्वारा लगाए गए आरोप बिल्कुल निराधार है मरीज को इलाज के उपरांत ऊपर के वार्ड में भर्ती कराया गया था। परंतु मरीज के द्वारा ऊपर से नीचे आकर ओपीडी के सामने रखें कुर्सी में लेट आ गया। जिस पर वहां के स्टाफ के द्वारा समझाइश देते हुए वार्ड में ही रहने व सोने की बात कही गई थी। लेकिन मरीज उसी कुर्सी में सोने की बात पर आड़े हुए रहकर स्टाफ के साथ बदतमीजी करने लगा। वहीं स्वास्थ्य की बात क्या जाए तो जब उसको एडमिट किया गया था उस समय उल्टी दस्त के साथ खून का रिसाव ज्यादा हो रहा था। परंतु प्राथमिक उपचार के उपरांत उसके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा था। लेकिन जनप्रतिनिधि व परिजनों की जिद के कारण उसे अंबिकापुर रेफर किया गया है।"
डॉ महेश्वर सिंह
प्रभारी
समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भटगांव

