प्रतापपुर मुनादी।।
प्रतापपुर-वाड्रफनगर के सीमावर्ती क्षेत्र में प्रवासियों को रोकने के लिए बनाए गए शिविर में स्थानीय ग्रामीणों के विरोध से पिछले कुछ दिनों से मजदूरों के भागने की घटना के बाद आज स्थानीय प्रशासन ने भेड़िया में नए शिविर बनाकर यहां पर 35 मजदूरों को रूकवाया है, और दिनों की तुलना में आज यहां प्रशासन ने कड़ाई भी कर दी है। लॉक डाउन के बाद से प्रदेश की राजधानी से अपने घर उत्तरप्रदेश लौट रहे मजदूरों का सिलसिला थम नहीं रहा है। आज भी यहां पर कुछ मजदूर रायपुर क्षेत्र से पहुंच है।
मिली जानकारी के अनुसार ये मजदूर रायपुर के औद्योगिक क्षेत्र में काम कर रहे थे, जो लॉकडाउन के बाद किसी न किसी व्यवस्था के माध्यम से उत्तरप्रदेश में अपने घरों की ओर लौट रहे है। प्रदेश की राजधानी से उत्तरप्रदेश की ओर जाने वाली मुख्य अंतर्राज्यीय सड़क प्रतापपुर क्षेत्र से होकर गुजरती है। अचानक हुए लॉकडाउन के बाद से इस मार्ग से काफी तादाद में मजदूर लौट रहे थे। कुछ दिन पूर्व इनके अंतर्राज्यीय सीमा को पार करने पर लगी रोक से इनकी संख्या में कमी तो आई है, लेकिन फिर भी यह सिलसिला रुका नहीं है। पिछले दिनों प्रतापपुर प्रशासन ने इनको रोकने के लिए रेवटी, धोन्धा क्षेत्र में शिविर बनाये थे, परंतु वहां रोके जाने से स्थानीय ग्रामीणों ने संक्रमण फैलने के डर से हंगामा कर दिया था, जिसपर पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इस विरोध के बाद इन शिविरों से पहले दिन 133 मजदूर एवं कल 140 मजदूर भाग गए थे, जिन्हें रोकने में प्रशासन असमर्थ रहा था। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रतापपुर एसडीएम सीएस पैकरा, एसडीओपी राकेश पाटनवार, सीईओ निजामुद्दीन ने राहत कैम्प को रेवटी से हटाते हुए चंदौरा थाना के समीप भेड़िया में कर दिया है। आज यहां पर 35 मजदूरों को रोका गया है। यहां पर स्थानीय तौर पर ग्रामीणों का भी कोई विरोध देखने को नहीं मिला है, जो प्रशासन के लिए राहत की बात है। पिछले कुछ दिनों में मजदूरों के राहत कैम्प में रोक पाने में असफल रहे प्रशासन ने इस मर्तबा कड़ाई करते हुए पुलिस की गश्ती बढ़ा दी है। इधर इसमार्ग पर अभी भी छूटपुट तौर पर मजदूरों के पहुंचने की जानकारी मिल रही है।

