जशपुर मूनादी।। जिस उम्र में लोग अपने सपनों का घर बसाने की तैयारी करते हैं, उस उम्र में जशपुर की बेटी बबली ने अपना जीवनगौसेवा के नाम कर दिया है।
जशपुर जिले के तमता गांव की रहने वाली बबली ने एक ऐसा संकल्प लिया है, जिसने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। बबली ने प्रण किया है कि जब तक देश में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित नहीं किया जाता, तब तक वह विवाह नहीं करेगी। उसके लिए यह केवल एक मांग नहीं, बल्कि जीवन का संकल्प है।
गुरुवार को अपने जन्मदिन पर भी बबली ने कोई भव्य आयोजन नहीं किया। उसने अपना खास दिन पत्थलगांव के किलकिला धाम में गौमाता के चरणों में बिताया। गायों को चारा खिलाया, उनकी सेवा की, उनके बीच बैठकर भोजन किया और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग के समर्थन में 1000 लोगों के हस्ताक्षर भी एकत्र किए।
बबली केवल नारों तक सीमित नहीं है। पूरे इलाके में वह गौसेवा और बेजुबान पशुओं के प्रति अपने समर्पण के लिए जानी जाती है। सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले पशुओं की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंच जाती है, उनके इलाज की व्यवस्था करती है और उन्हें नया जीवन देने की हर संभव कोशिश करती है।
आज जब समाज में स्वार्थ और भागदौड़ बढ़ती जा रही है, ऐसे समय में बबली का समर्पण यह संदेश देता है कि सेवा केवल इंसानों की ही नहीं, उन बेजुबानों की भी होनी चाहिए जो अपना दर्द कभी शब्दों में नहीं कह पाते।
बबली का यह संकल्प कितना सफल होगा, यह भविष्य बताएगा, लेकिन इतना तय है कि उसने अपनी सोच, सेवा और संवेदनशीलता से लोगों के दिलों में एक अलग पहचान बना ली है।