ओडिशा से सतीश शर्मा की मुनादी।। राज्य में छात्राओं व महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध से विरोधी दलों के निशाने पर आये मोहन माझी सरकार ने उनकी सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए "शक्तिश्री" योजना’ की शुरुआत की घोषणा की है।
राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज की उपस्थिति में शनिवार को एक पत्रकार सम्मेलन में इस योजना की घोषणा की है।
बालेश्वर फकीर मोहन स्वायत्त कॉलेज की बीएड छात्रा द्वारा आत्मदाह घटना के सात दिन बाद 19 जुलाई को पुरी जिले में एक 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा को तेल डालकर जला देने की घटना से पूरे राज्य में आक्रोश की लहर फैल गई है। कांग्रेस, बीजू जनता दल ने राज्य सरकार पर महिलाओं को सुरक्षा देने पर नाकामी का आरोप मढ़ते हुए राज्य उच्च शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इस उतेजक स्थिति को शांत करने व राज्य वासियों में विश्वास उत्पन्न करने हेतु सरकार ने नई योजना का खाका लोगों के सामने रखा है। सरकार की घोषित नये बहुआयामी कार्यक्रम "शक्तिश्री" का उद्देश्य कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सहायक शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है।
यह योजना 16 विश्वविद्यालयों और 730 कॉलेजों में लागू की जाएगी, जहां छात्राओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को देखते हुए राज्य सरकार ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। योजना के आठ प्रमुख बिंदु हैं।
सशक्तिकरण प्रकोष्ठ: हर संस्थान में छात्राओं के नेतृत्व में एक स्थायी शक्तिश्री सशक्तिकरण प्रकोष्ठ गठित की जाएगी, जिसमें ‘शक्तिश्री साथी’, ‘शक्तिश्री समन्वयक’ (महिला प्राध्यापक) और ‘शक्ति आपा’ (जिला कलेक्टर द्वारा नियुक्त मेंटर) शामिल होंगी।
शक्तिश्री मोबाइल ऐप: शिकायतों की गुमनाम रिपोर्टिंग,सुरक्षा अलर्ट, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और टेली-मानस सेवा जैसी सुविधाओं से लैस एक ऐप की शुरुआत की जाएगी।
नैतिक आचार संहिता: शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए महिला सुरक्षा, लैंगिक संवेदनशीलता और पेशेवर नैतिकता पर वार्षिक प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा।
सुरक्षा अभियान:
सभी छात्राओं को स्व-रक्षा के लिए
आत्मरक्षा शिविरों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही जागरूकता कार्यशालाओं के माध्यम से लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया जाएगा।
सीसीटीवी निगरानी: सभी संस्थानों में चौबीसों घण्टे निगरानी हेतु सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
सभी शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मियों के लिये महिलाओं के कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (निवारण, निषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 का ऑनलाइन पाठ्यक्रम द्वारा प्रशिक्षण अनिवार्य होगा
शक्ति स्वरूपिणी कार्यशाला: डिजिटल सुरक्षा, संवैधानिक अधिकारों और ऐप प्रबंधन पर वार्षिक एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। सुरक्षा रिपोर्ट: प्रत्येक कॉलेज को 31 दिसंबर तक वार्षिक सुरक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
यह योजना राज्य सरकार के विकसित ओडिशा 2036 और 2047 के लक्ष्य के दृष्टिकोण के अनुरूप और शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं की गरिमा और अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक साहसिक पहल मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री माझी ने कहा, “हमारी सरकार महिलाओं की चुनौतियों के प्रति संवेदनशील है। शक्तिश्री योजना न केवल अपराधों की रोकथाम में सहायक होगी, बल्कि पीड़िताओं को सुरक्षा और न्याय भी सुनिश्चित करेगी।”