रायपुर मुनादी।। इधर कल छत्तीसगढ़ सरकार बजट पेश कर रही थी, उधर कल ही रायपुर में पंच्यायत सचिवों का हड़ताल जारी था। दरअसल सचिव पिछले काफी समय से शासकीयकरण की मांग को लेकर रह रहकर आंदोलन कर रहे हैं। अपनी इन्ही मांगो को लेकर कल रायपुर में इनका धरना और विधानसभा घेराव का कार्यक्रम प्रस्तावित था।
कल सरकार की बजट के साथ, अपने मांगो को लेकर पञ्चायत सचिव भी रायपुर में बूढ़ा तालाब के पास धरने पर बैठे थे। हम आपको बता दें कि पंच्यायत सचिव संघ ने कल की तारीख यानी 9 मार्च को एकदिवसीय धरना एवं विधानसभा घेराव की तिथि रखी थी। जिसके लिए प्रदेश भर के पंच्यायत सचिव रायपुर पहुंचे थे।
धरना जब प्रारम्भ हुआ, और जब सचिव विधानसभा घेराव करने जा रहे थे, जहां पंचायत सचिवों की पुलिस से झड़प भी हुई, मगर पुलिस उन्हें रोकने में सफल रही। और पंच्यायत सचिव विधानसभा घेराव नही कर पाए। अब सचिव भी वापस अपना आंदोलन समाप्त कर वापस अपने पंच्यातो की ओर लौट रहे हैं।
जो सूत्र बता रहे वह यही कह रहे हैं कि पंच्यायत सचिवों ने ज्ञापन एक बार फिर सरकार को अपने शासकीयकरण की मांग को लेकर कल सौंपा है, वहीं यह भी बताया जा रहा है कि सचिवों ने सरकार को मांगो पर विचार करने का समय दिया है, और यह आंदोलन आगे होली के बाद फिर से अनिश्चितकालीन का रूप लेगा। जिसको लेकर पंच्यायत सचिव अब रणनीतियां बनाने में जुट गए हैं।
बहरहाल सरकार का रुख सचिवों के आंदोलन के ऊपर अभी स्पष्ट नही है, कि उनकी मांगों पर क्या विचार हो रहा है, मगर अब चुनावी साल आ रहा है, तो पंच्यायत सचिव भी अपनी मांगों को लेकर तठस्थ दिखाई पड़ रहे हैं।

