Munaadi Breaking - इस सरकार अब लगाया इस शब्द पर प्रतिबंध, न बोल सकते हैं ल लिख सकते हैं, इससे पहले भी ..........पढ़िए पूरी खबर

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August 14, 2025



Munaadi Breaking - इस सरकार अब लगाया इस शब्द पर प्रतिबंध, न बोल सकते हैं ल लिख सकते हैं, इससे पहले भी ..........पढ़िए पूरी खबर

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ओडिशा से सतीश शर्मा की मुनादी ।। ओडिशा सरकार ने अपने सभी विभागों, सरकारी व शैक्षणिक संस्थानों तथा अन्य निकायों को आधिकारिक पत्र जारी कर ‘हरिजन’ शब्द का प्रयोग तत्काल बंद करने के निर्देश दिए हैं। 

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आदिवासी एवं अनुसूचित जाति विकास, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के आयुक्त-सह-सचिव द्वारा 12 अगस्त को जारी पत्र में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 341 के तहत अधिसूचित जातियों के लिए अंग्रेज़ी में “Scheduled Caste” और ओड़िया या अन्य राष्ट्रीय भाषाओं में “अनुसूचित जाति” शब्द का प्रयोग किया जाए।


निर्देश के अनुसार ‘हरिजन’ शब्द का उपयोग किसी भी सरकारी पत्राचार, अभिलेख, लेन-देन, जाति प्रमाणपत्र, प्रकाशन, विभागीय नाम अथवा अन्य किसी रूप में नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को अपने कर्मचारियों को इस संबंध में अवगत कराने, पुराने दस्तावेज़ों में संशोधन करने और कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।


हरिजन का इतिहास

"हरिजन" शब्द दो शब्दों "हरि (ईश्वर)

और "जन"(लोग) से मिलकर बना है। सामान्य भाषा में इसका अर्थ हुआ "भगवान के लोग" या "भगवान के बच्चे"।

महात्मा गांधी ने 1930 के दशक में इस शब्द को लोकप्रिय बनाया। इसका उद्देश्य था "अछूत" जैसे अपमानजनक शब्द की जगह एक सम्मानजनक नाम देना और वंचित समुदायों को गरिमा प्रदान करना।


उन्होंने इन समुदायों के उत्थान के लिए हरिजन सेवक संघ की स्थापना की और हरिजन नामक साप्ताहिक पत्र निकाला, जिसमें उन्होंने सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर अपने विचार प्रकट किए। गांधी जी के लिए अछूत प्रथा का उन्मूलन भारत की राजनीतिक स्वतंत्रता जितना ही महत्वपूर्ण था।


गांधी जी की दृष्टि में हरिजन शब्द के उपयोग का मूल उद्देश्य सम्मान देना था, लेकिन समय के साथ यह शब्द परोक्ष रूप से अपमानजनक और थोपा हुआ माना जाने लगा अतः इस शब्द का विरोध होने लगा।


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यह कदम ओडिशा मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है। केंद्र सरकार ने वर्ष 1982 में सभी राज्यों को यह शब्द न इस्तेमाल करने की सलाह दी थी और वर्ष 2013 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने भी राज्यों को ऐसे निर्देश भेजे थे। ओडिशा विधानसभा ने भी ‘हरिजन’ शब्द के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा रखा है।


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