रायगढ़ मुनादी।। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर जनमित्रम् विद्यालय की ओर से घरघोड़ा स्टेडियम में आयोजित झांकी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में नई शिक्षा नीति 2020 की सशक्त और जीवंत प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ के उन वीर सेनानियों को मंच पर उतारा, जिन्हें इतिहास के मुख्य पन्नों में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया। कार्यक्रम में शहीद वीर नारायण सिंह के बलिदान और उनसे जुड़ी प्रेरक कथा, साथ ही गुंडाधुर, माखन सिंह एवं हनुमान सिंह जैसे महान सेनानियों के संघर्ष को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। झांकी की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी की भव्य छवि से हुई, जिसके माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरव को प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत शिक्षा के क्षेत्र में आए सकारात्मक बदलावों को दर्शाया गया। विशेष रूप से यह दिखाया गया कि ग्रामीण अंचलों और आदिवासी किसानों के बच्चे अब AI और बायो टेक्नोलॉजी जैसी आधुनिक शिक्षा से जुड़ रहे हैं और विद्यालय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित हो रही है।
झांकी में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर बल देते हुए बायोटेक्नोलॉजी, तीरंदाजी, बास्केटबॉल, कबड्डी जैसे खेलों को प्रदर्शित किया गया। हाल ही में भारतीय कबड्डी टीम में कोरबा (छत्तीसगढ़) से चयनित बालिकाओं की उपलब्धि को भी गर्व के साथ प्रस्तुत किया गया। झांकी के अंतिम चरण में विद्यार्थियों ने चलते-चलते वॉलीबॉल, क्रिकेट, फुटबॉल एवं किकबॉक्सिंग की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिसने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
विद्यालय परिसर में भी गणतंत्र दिवस का आयोजन समयबद्ध एवं गरिमामय ढंग से किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य नीरज पोद्दार ने ध्वजारोहण किया। अपने संबोधन में उन्होंने संविधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान हमारे लिए एक कवच के समान है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि अनुच्छेद 12 से 36 तक के मौलिक अधिकारों की जानकारी प्रत्येक नागरिक को अवश्य होनी चाहिए। इस प्रकार जनमित्रम विद्यालय में गणतंत्र दिवस हर्ष, उल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया, जिसमें विद्यालय ने झांकी एवं सांस्कृतिक दोनों ही विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सभी का मन मोह लिया।