डेस्क मुनादी।।करीब 7 सालों से जमीन के मुआवजे को लेकर अधिकारियो का चक्कर काटते काटते थक चुका एक किसान कलेक्टर ऑफिस में रखे सामानों को जप्त करने कलेक्टर के दफ्तर पहुंच गया ।किसान अकेले नहीं बल्कि अपने साथ कुछ मजदूर और इलेक्ट्रिशियन को भी साथ ले आया था। किसान को जब कलेक्टर के सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों के द्वारा गेट पर ही रोक दिया गयालेकिन किसान ने जब सामान जप्ति हेतु कोर्ट का आदेश दिखाया तो सभी के होश उड़ गए।
मामला महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले का है ।यहां के किसान मुस्तफा बोहरा की जमीन को प्रशासन के द्वारा एमआईडीसी के लिए अधिग्रतित किया गया था।इसके बदले किसान को तकरीबन 9 लाख रुपए मुआवजा दिए जाने की बात सामने आई थी लेकिन 7 सालों बाद भी उसे मुआवजे की एक कौड़ी भी जब नहीं मिली तो किसान मुस्तफा कोर्ट की शरण में पहुंच गए ।कोर्ट ने किसान की पूरी बात सुनी और सब कुछ सुनने के बाद कोर्ट ने प्रशासन के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया।बाद में कोर्ट ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामानों को जप्त करने का आदेश जारी कर दिया।
कोर्ट का आदेश हाथ में लेकर किसान मुस्तफा चंद्रपुर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गए और जिलाधिकारी कार्यालय में रखे सामान जैसे फर्नीचरम कूलर एसी को खोलने साथ में इलेक्ट्रीशियन और कुछ मजदूर भी किसान के साथ थे । किसान जैसे ही कलेक्टर का दफ्तर पहुंचा उसे मेन गेट पर रोक दिया गया और कार्ट के आदेश का कागज दिखाते हुए कलेक्टर कार्यालय के भीतर रखे सामानों को खोलकर ले जाने की जिद्द करने लगा । वहां मौजूद पुलिसकर्मी किसान को अंदर जाने से रोकते रहे ।आखिर में वह कलेक्टर से जाकर मिला और जब कलेक्टर को कोर्ट का आदेश दिखाया तो कलेक्टर ने किसान को थोड़ी देर बाहर में इंतजार करते को कहा।किसान कलेक्टर की बात मान गया और कलेक्टर कार्यालय के बाहर आ गया ।इंतजार करते करते शाम हो गई और शाम ने कलेक्टर कोर्ट के इस आदेश पर स्टे ले चुके थे ।
हांलाकि कलेक्टर विनय गौड़ ने मीडिया को बताया कि किसान को मिलने वाली मुआवजे की रकम को 3 या 4 दिनो के भीतर कोर्ट में जमा कर दिया जाएगा।
किसान में वहां मौजूद मीडिया के लोगो को बताया कि midc में उसकी जमीन चली गई थी ।2015 में जमीन के मुआवजे की राशि को किसान को देने कोर्ट ने जजमेंट दिया था ।जजमेंट का कागज लेकर वह कई बार midc के दफ्तर गया और मुआवजे को लेकर गुहार लगाई लेकिन जब किसी के कानो में जू तक नहीं रेंगा तो वह कोर्ट की शरण में पहुंच गया और कार्ट में मुआवके के बदले जिलाधिकारी कार्यालय में रखे सामानों को जप्त करने का फैसला सुना दिया।
किसान ने बताया कि कलेक्टर ने 12 दिसंबर तक का स्थान आदेश लिया हुआ है।मैं 12 दिसंबर के बाद फिर से सामान को जप्त करने आऊंगा।